छत्तीसगढ़ में उत्साह के साथ चल रही अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी

रायपुर. अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी छत्तीसगढ़ में भी उत्साह के साथ चल रही है। आयोजन के लिए हर जिले में प्रशासन सक्रिय हो गया है। इस महीने की 21 तारीख को चौथे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्य सरकार के सभी विभागों की भागीदारी से राजधानी रायपुर सहित सभी जिला मुख्यालयों, विकासखण्ड मुख्यालयों, ग्राम पंचायत मुख्यालयों, नगरीय निकायों के मुख्यालयों तथा रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड और जलाशयों के किनारे भी सवेरे 7 बजे से 8 बजे तक सामूहिक योग अभ्यास का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष के योग दिवस में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के एक करोड़ नागरिकों की भागीदारी का लक्ष्य तय किया है।
राज्य सरकार के समाज कल्याण तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के विशेष सचिव श्री आर. प्रसन्ना ने इस सिलसिले में सभी जिला कलेक्टरों को परिपत्र जारी किया है। उन्होंने परिपत्र में लिखा है कि योग दिवस पर योग अभ्यास और प्रशिक्षण कार्यक्रम पुरातात्विक स्थलों के प्रांगण में भी किया जा सकता है। इसके अलावा मिडिल स्कूलों, हाईस्कूलों, हायर सेकेण्डरी स्कूलों, आश्रम-छात्रावासों, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों तथा तकनीकी शिक्षण संस्थाओं में भी सामूहिक योग अभ्यास का आयोजन किया जाना चाहिए। जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि यह सूची सिर्फ उदाहरण के लिए है। सार्वजनिक स्थानों पर आयोजन के लिए कलेक्टर स्वयं के स्तर पर निर्णय ले सकते हैं, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक आयोजन स्थल पर प्रभारी अधिकारी, कर्मचारी और योग प्रशिक्षक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। अशासकीय संस्थाओं और संगठनों द्वारा अगर योग प्रशिक्षक उपलब्ध कराने की मांग की जाती है, तो उनकी मांग के आधार पर आवश्यक व्यवस्था की जाए। परिपत्र में जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि योग दिवस के आयोजन में शासन के विभिन्न विभागों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उन्हें सुचारू आयोजन के लिए दायित्व सौंपा जाए। शासकीय संस्थाओं के अलावा केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) सहित अर्द्धसैनिक बलों, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के विद्यार्थियों, नेहरू युवा केन्द्रों, खेल संघों तथा एनटीपीसी, एनएमडीसी, भिलाई इस्पात संयंत्र, एसईसीएल और छत्तीसगढ़ पावर कम्पनी जैसे सार्वजनिक उपक्रमों, गायत्री परिवार ट्रस्ट, पतंजलि योगपीठ, ब्रम्हाकुमारी प्रजापिता संस्था, आर्ट ऑफ लिविंग आदि समाजसेवी संस्थाओं का भी सहयोग इस आयोजन में लिया जाए। योग दिवस के आयोजन के पहले इसके लिए वातावरण निर्माण के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर योग महोत्सव, योग फेस्टिवल, क्विज और साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जाए।
परिपत्र में कहा गया है कि केन्द्र तथा राज्य सरकारों के सार्वजनिक उपक्रमों और शासकीय कार्यालयों सहित वृद्धाश्रमों, अस्पतालों, सामुदायिक भवनों तथा जेल और उप-जेल परिसरों में भी ऐसे आयोजन किए जा सकते हैं। परिपत्र में कहा गया है कि जेलों के कैदियों को भी सामूहिक योग अभ्यास करवाया जाए। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले सामूहिक योग अभ्यास में खेल संगठनों, खिलाडि़यों,  दिव्यांगजनों, विशेष पिछड़ी जनजातियों के सदस्यों, तृतीय लिंग समुदाय के लोगों, कुष्ठ पीडि़तों और उपचारित व्यक्तियों को भी उनका मनोबल बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
परिपत्र में जिला कलेक्टरों से यह भी कहा गया है कि सामूहिक योग अभ्यास के आयोजन में प्रभारी मंत्रियों सहित जिले के सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों, निगम-मण्डलों के अध्यक्षों तथा अन्य पदाधिकारियों, राज्य सरकार तथा भारत सरकार के अलंकरणों से सम्मानित नागरिकों, पंचायत राज संस्थाओं के पदाधिकारियों, पत्रकारों, साहित्यकारों, कलाकारों, व्यापारियों को भी सक्रिय भागीदारी के लिए आमंत्रित किया जाए। उनके अलावा किसानों और श्रमिकों को भी प्रोत्साहित किया जाए। समाज कल्याण विभाग द्वारा योग अभ्यास क्रम पर आधारित पुस्तिकाओं का निःशुल्क वितरण भी आयोजन स्थलों पर किया जाएगा।

Leave a Comment