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क्या JDU में शामिल होंगे ओसामा ?, सवाल पर JDU MLC की ओर से आया यह जवाब

शहाबुद्दीन की मौत के बाद उनके बेटे ओसामा से मिलने लोग पहुंच रहे हैं। उनकी पत्नी किसी से नहीं मिल रही हैं इसलिए आने वाले नेता उनके बेटे ओसामा से मुलाकात कर रहे हैं। जाप सुप्रीमो और पूर्व सांसद पप्पू यादव उनसे मुलाकात कर चुके हैं। बेटे से मुलाकात के बाद उन्होंने शहाबुद्दीन की तारीफ ही नहीं की बल्कि उनकी मौत के पीछे साजिश की भी बात कही थी।

उसके बाद RJD ने अपने दबंग दानापुर विधायक रीतलाल यादव को ओसामा से मिलने के लिए प्रतापपुर भेजा। रीतलाल यादव के बाद JDU ने अपना पार्षद और नीतीश कुमार के करीबी नेता विधान पार्षद राधाचरण साह को ओसामा से मुलाकात के लिए भेजा है। राधाचरण साह पहले RJD में थे लेकिन विधान सभा चुनाव से पहले JDU में शामिल हो गए थे।

राधाचरण भी लालू प्रसाद को छोड़ नीतीश के साथ हो गए थे एक तरफ RJD का कोई बड़ा नेता शहाबुद्दीन के परिवार से मिलने नहीं पहुंचा वहीं दूसरी तरफ JDU नेता राधाचरण सेठ जब ओसामा से मिलने पहुंचे तो उसके कई अर्थ निकाले जा रहे हैं। शहाबुद्दीन के समर्थकों का गुस्सा पहले ही RJD पर काफी है। समर्थकों ने तेजस्वी यादव सहित लालू परिवार पर शहाबुद्दीन की उपेक्षा का आरोप लगाया था। बिहार विधान परिषद् के पूर्व उपसभापति सलीम परवेज ने तो RJD से इस्तीफा ही दे दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि 5 किमी के दायरे में रहने के बावजूद लालू परिवार का कोई सदस्य शहाबुद्दीन से मिलने या उनका हालचाल जानने अस्पताल नहीं ही आया। उनके अंतिम संस्कार तक में RJD का कोई बड़ा नेता नहीं आया। भास्कर ने राधाचरण सेठ से बात की तो उन्होंने बताया कि हमारा संबंध 30-35 वर्षों से शहाबुद्दीन से था। उनके निधन के बाद हम सहानुभूति प्रकट करने उनके आवास पर गए थे। इसमें किसी तरह की राजनीति नहीं समझनी चाहिए। जब उनसे यह सवाल किया गया कि शहाबुद्दीन के समर्थक RJD से काफी नाराज हैं, ऐसे में उनके पुत्र ओसामा JDU में शामिल होंगे क्या? इस सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि अभी ऐसा नहीं है, लेकिन राजनीति में तो कुछ भी संभव है।

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बिहार में एक और बाहुबली को जान का डर

बाहुबली नेता और पूर्व सांसद शाहबुद्दीन की कोरोना से मौत के बाद जेल में बंद एक और बाहुबली नेता के परिजनों को डर सताने लगा है। हालांकि उन्हें कोरोना नहीं हुआ है, लेकिन उनके परिवार वालों को डर है कि इस संक्रमण से कहीं वह भी न ग्रसित हो जाएं। हम बात कर रहे हैं बिहार के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद आनंद मोहन की। आनंद मोहन सहरसा जेल में बंद हैं। संक्रमण के डर को देखते हुए उनके परिवार वाले सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट का हवाला देकर कह रहे हैं कि आनंद मोहन ने 14 साल की सजा काट ली है, अब उन्हें रिहा कर देना चाहिए।

क्या कहती हैं पत्नी लवली आनंद

आनंद मोहन की पत्नी और पूर्व सांसद लवली आनंद ने तर्क दिया है कि वो 65 साल के हो गए हैं। उनकी सजा की मियाद भी पूरी हो चुकी है। इस आधार पर भी रिहा किया जाए क्योंकि आनंद मोहन को जेल में कोरोना हो सकता है। लवली आनंद कहती हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि आनंद मोहन उनके मित्र हैं और वह जल्द जेल से बाहर आएंगे। लेकिन इस पर कोई कवायद नहीं की जा रही है। आनंद मोहन बेकसूर हैं, उन्हें बेवजह 14 साल से जेल में रखा गया है। सरकार को अब उन्हें रिहा कर देना चाहिए।

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