संकट में मुख्यमंत्री कमलनाथ, दोबारा खुलेगी केस नंबर 601/84 की फाईल, जा सकती है मुख्यमंत्री की कुर्सी 

मध्य प्रदेश में 15 वर्ष का वनवास भोग कर वापस सत्ता में आई कांग्रेस सरकार की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। प्रदेश में सत्ता संभाले हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार का अंतर्कलह खत्म होने का नाम नही ले रहा है तो वही दूसरी और अब खुद कमलनाथ संकट में घिरते हुए नरज आ रहें है। केन्द्र का गृह मंत्रालय मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ वर्ष 1984 सिख विरोधी दंगो के मामले की फाईल दोबारा खोलने जा रहा है । शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को बताया की केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ 1984 के सिख विरोधी दंगो के मामलों को फिर से खोलने के प्रस्ताव को मंजुरी दी है। यह खबर सीएम कमलनाथ के लिए संकट भरी हे

दोबारा खुलेगा केस नंबर 601/84

वर्ष 1984 में हुए सिख दंगो के मामले में कुछ चश्मदीदों ने कमलनाथ को सिखों की हत्या करते देखा था। मनजिंदर सिंह ने ट्वीट कर कहा की जिन भी लोगो ने कमनाथ को सिखों की हत्या करते हुए देखा है वे आगे आएं और गवांह बने उन्हें डरने की कोई जरूरत नही है। मनजिंदर सिंह द्वारा किए एक और ट्विट में कहा की 1984 में सिखों के नरसंहार में कमलनाथ के कथित तौर पर शामिल होने के मामलो को एसआईटी ने दोबारा खोला है। गृह मंत्रालय से अनुरोध करने के बाद मंत्रालय ने कमलनाथ के खिलाफ ताजा सबूतों पर विचार करते हुए केस नंबर 601/84 को दोबारा खोलने का नोटिफिकेशन जारी किया है। मनजिंदर सिंह ने इसे अकाली दल के लिए एक बड़ी जीत बताया है।

पूर्व मे भी इस केस की फाईल खोलने की मांग उठ चुकी है। कमनाथ पहले इन आरोपो से इनकार कर चुके है। बताया जा रहा है कि अगर इस मामले में कमलनाथ दोषी पाए जाते है तो उनकी सीएम की कुर्सी भी जा सकती है।

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