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राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय के बयान पर उबली कांग्रेस, कहा- सत्ता के नशे में चूर हैं वो

रायपुर।कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के बारे मे भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री अौर राज्य सभा सांसद सरोज पांडे द्वारा दिये गए बयान को कांग्रेस ने अोछी मानसिकता बताया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष फूलोदेवी नेताम ने कहा कि तड़ीपार के साथ रहकर सरोज भी उसी की जुबान बोल रही हैं। ये सत्ता के नशे मे चूर हैं। सरोज पांडेय को होश व तमीज नहीं है कि वो क्या बोल रहीं हैं। अभी सरोज और भारतीय जनता पार्टी के लोग उस लायक नहीं हुए हैं कि राहुल गांधी के बारे मे बोलें।

– प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरोज पांडेय के बयान से साफ हो रहा है कि वो मानसिक दिवालियेपन के दौर से गुजर रही हैं। इसमें उनकी नहीं उनके संघ पोषित भाजपाई संस्कारों की त्रुटि है। उन्हें अभद्रता की यह शिक्षा उनके पारिवारिक वातावरण से मिली है या संघ की शाखाओं में अथवा भाजपा के कल्चर से इसका खुलासा वे खुद कर सकती हैं।

– समूची भारतीय जनता पार्टी राहुल गांधी की देश में बढ़ती स्वीकार्यता और लोकप्रियता से घबरा गई है। इसी बौखलाहट में भाजपा के नेताओं को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बारे में अनर्गल प्रलाप करते रहने के लिये कहा जा रहा है।

– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने चुनावी वायदों को पूरा करने में असफल साबित हुए हैं। चुनावी रैलियों में किये गए उनके बड़े-बड़े वायदे जुमलेबाजी के स्मारक बन चुके हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तड़ीपार वाली छवि और जज लोया इशरतजहां जैसे विवादों के साये से नहीं उबर पा रहे हैं।

– भाजपा की केंद्र सरकार के चार साल सिर्फ कांग्रेस को कोसने और शौच-सफाई के तौर तरीके समझाते-समझाते में निकल गए। उपलब्धियों के नाम पर मोदी सरकार के पास कुछ भी नहीं है। ऐसे में भाजपाइयों के पास कहने और करने को कुछ भी सकारात्मक है ही नहीं।

सरोज पांडेय ने राहुल गांधी को कहा ‘मंदबुद्धि’

-सांसद सरोज पांडेय ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को मंदबुद्धि कह दिया है। दुर्ग पहुंची राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने मोदी सरकार के चार साल पूरे होने पर बीजेपी के द्वारा आयोजित बुद्धिजीवी सम्मेलन में कहा कि जिस तरह की वे बातें कर रहे हैं आश्चर्यजनक है। वह अभी भी सीखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सीखने की भी कोई उम्र होती है। 40 की उम्र में जो व्यक्ति सीखता है वो सीखा हुआ नहीं बल्कि मंदबुद्धि कहलाता है।

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