सबसे बड़ी भविष्यवाणी, देश की सबसे हॉट सीट भोपाल पर दिग्गी राजा VS साध्वी प्रज्ञा!

ज्योर्तिविद कालज्ञ पं. संजय शर्मा  9893129882 , 9424828545 (paytm, phonepe ) ज्योतिष लेखक, ज्योतिष एवं वास्तु परामर्ष , रत्न विशेषज्ञ , प्रेरक (मोटीवेटर) ,  कलर थेरेपिस्ट एवं औरा रीडर 11, न्यू एम.आई.जी. मुखर्जी नगर एम.आर. 8, टेलीफोन ऑफिस के सामने देवास म.प्र. 455001

दिग्विजयसिंह के सितारे

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह वृश्चिक लग्न एवं वृषभ राशि में दिनांक 28 फरवरी 1947 को हुआ उनकी पत्रिका में लग्नेश व कर्मेश दोनो एक साथ जनता के भाव में बैठे है उच्च के चंद्रमा व गुरू से गजकेसरी योग का निर्माण हुआ अतः सूर्य मंगल व गुरू चंद्र ने उन्हे राजयोग दिया गुरू की दशा ने उन्हे श्रेष्ठ उचांई पर पहुचाया परन्तु शनि की दशा के मध्य में सत्ता उनके हाथ से फिसल गई और वे मध्यप्रदेश में वे प्रदेश की सत्ता से बहार हुए।
काल पुरूष की पत्रिका में वृश्चिक राशि आठवें नंबर पर आती है इसी कारण से मृत्यु तथा विनाश से बड़ा ही  घनिष्ठ संबंध होता है । अतः आत्मविनाशी प्रवृत्ती इसकी प्रमुख विशेषता होती है या दूसरे शब्दों में स्वयं के लिये गये निर्णयों से खुद ही अपने रास्ते को बाधित करते है ।
वृष राशि के बारे में ज्योतिषियों के विचार में अपस में काफी मतभेद रहे है, इन मतभेदो को होना कुछ ठीक भी लगता है वृष राशि एक रूप में गुस्से से आग बबूला हुआ एक ऐसा सांड है, जो अपने शत्रुओ को समूल नाश करने के लिए तैयार रहता है और दूसरी तरफ देखने से पर यही सांड शिवजी का वाहन नंदी है जो अपनी मस्ती में ही झूमता रहता है, लेकिन जल्दी से कहीं भी पहुचने की उसे कोई चिंता नही रहती, वृषभ लग्न की मुख्य विशेषताऐं सहनशील,शांत, जूझारू प्रसन्नचित,धनी ।
सूर्य एवं मंगल की युति चतुर्थ स्थान में उन्हे प्रशासनिक रूप से दक्ष एवं कुशल बनाती है । वहीं चंद्र उन्हे भाग्यशाली बनाता है और बुध की नीच राशि में स्थिति और पंचम स्थान पर वक्री होकर बैठा है जो  उनकी बातचीत की शैली को चुटीली बनाता है और इसी शैली के कारण वे अक्सर विवादों में बने रहते है ।
वर्ततान में बुध की दशा एवं बुध का अंतर चल रहा है जिसके पश्चात केतु का अंतर प्रांभ हेगा । केतु उनकी पत्रिका में मंगल की राशि में है कुछ विद्वानों के अनुसार यह केतु की उच्च राशि भी है जो उन्हे उनके पद में कमी के संकेत देता है निकट भविष्य में वे अपनी पार्टी के किसी दायित्व से मुक्त हो जायें ।
गुरू की लग्न स्थिति ने उनके 10 वर्ष के मुख्यमंत्री के कार्यकाल में भरपूर सम्मान एवं प्रतिष्ठा दिलाई । मई 2017 के बाद उन्हे वापस पुराने कार्य भार को सोपा गया होगा , पर यह उनकी पार्टी में जो प्रतिष्ठा है उससे नाइंसाफी होगी ।
परन्तु वर्तमान दशा उनके पद के कमजोर होने के संकेत देती है । परम अकारक ग्रह की दशा में भोपाल से लोकसभा का चुनाव उनके लिये कडी चुनौती रहेगा एक साध्वी ने उन्हे सत्ता से बाहर किया था अब दूसरी साध्वी से मुकाबला है अतः उन्हे सचेत होकर काम करना चाहिये ।

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के सितारे

साघ्वी प्रज्ञा ठाकुर का जन्म भिंड मध्यप्रदेश में 02 अप्रेल को हुआ स दिन कन्या राशि में चद्रमा स्थित थे कन्या राशि के लोगों की मुख्य विशेषताऐं इस प्रकार है ।
कन्या राशि के जातक किसी भी काम को योजनाबद्ध तरीके से करने के आदि होते है , ऐसे व्यक्ति विनम्र होते है और अपनी बातों को उग्रता से प्रस्तुत नही करते । ऐसे व्यक्ति हंसमुख होते है किसी भी परिस्थिति में इनके चेहरे से मुस्कुराहट नही हटती इनकी आवाज एकदम हल्की होती है , एसे लोग अपने शरीर पर पूर्ण रूपेण ध्यान रखते है एवं वस्त्रों की सफाई पर भी विशेष ध्यान रखते है एवं जागरूक होते है। ऐसे व्यक्ति दूसरे लोगों को ध्यान से सुनते है फिर जब उन्हे अवसर मिलता है केवल तब ही बोलते है कन्या लग्न के लोग जिस विषय पर बोलते हैं उसे बहुत विस्तार देने के आदि होते है।
उनके जन्म वाले दिन गुरू मेष राशि के थे , मंगल अपनी उच्च राशि मकर में थे , सूर्य और बुध मीन राशि में थे शुक्र स्वयं की राशि वृषभ में थे शनि धनु राशि के , केतु सिंह राशि के व राहू कुंभ राशि के थे । राहू जो पाप कर्तरी योग मे ंथे मंगल व सूर्य के कारण वे बंधन योग में थी । वर्तमान में वे जनवरी से गुरू की दशा में रहेंगी।
चूंकि उन्हे मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से भारतीय जनता पार्टी ने उन्हे अपना लोकसभा का प्रत्याशी बनाया है उनका मुकबला कांग्रस के कद्दावर नेता व मध्यप्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्गविजय सिंह से होगा जिसमें अभी से आरोप प्रत्यारोप के दौर प्रारंभ हो चुके है ।
जिसमें साध्वी प्रज्ञा ठाकुर अपनी तेज तर्रार छवि को प्रस्तुत करेंगी व अपने साथ हुए अन्याय को भी प्रस्तुत कर रही है उन्हें जन्म पत्रिका में बुध का भ्रमण नीच राशि में था और वर्तमान में भी बुध का भ्रमण नीच राशि में है अतः उन्हे अपने हर बयान को तोल मोल कर बोलना चाहिये अन्यथा उसका गलत मतलब निकाला जा सकता है । राहू की दशा में जो शारिरिक एवं मानसिक पीड़ा उन्होने उठाई है अब जनवरी 2019 से वे गुरू की दशा में आ चुकी है अतः उन्हे लाभ अवश्य मिलेगा और चुनाव में एवं उसके बाद उन्हे सम्मान अवश्य मिलेगा । जो उनको उनको अपनी छवि निखारने में मदद करेगा ।
ज्योर्तिविद कालज्ञ पं. संजय शर्मा
9893129882 , 9424828545
ज्योतिष लेखक, ज्योतिष एवं वास्तु परामर्ष , रत्न विशेषज्ञ , प्रेरक (मोटीवेटर) ,
कलर थेरेपिस्ट एवं औरा रीडर
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