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पीलिया से हो रही मौतों पर गृहमंत्री पैकरा बोले- मौत पर किसी का रोक नहीं है

कोरबा। राजधानी में पीलिया से हो रही मौतों पर भले ही हाईकोर्ट का रूख सख्त है, लेकिन राज्य सरकार अभी भी इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। शनिवार को राज्य के गृह मंत्र राम सेवक पैकरा ने पीलिया से हो रही मौतों को ईश्वरीय घटना बता दिया। इससे पहले पैकरा एक बैगा से शुगर का इलाज कराने को लेकर विवादों में आए थे। पैकरा ने ये बयान कोरबा में दिया है। वे यहां एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे हैं।

– पत्रकारों से बातचीत के दौरान उनका जवाब बेहद चौंकाने वाला था। उन्होंने कहा कि- मौत तो स्वाभाविक है सबकी। वहां किसी का रोक नहीं है, ये तो ईश्वरीय घटना है। कई बार दुर्घटना से मौत हो जाती है। बीमारी से मौत हो जाती है। रोक थाम होती है, सरकार काम कर रही है पीलिया एक बीमारी है। जहां तक कोई भी बीमारी है तो इलाज के दौरान भी मौत हो जाती है। सरकार की रोकथाम की मंशा है।

– ध्यान देने वाली बात है कि पीलिया से राजधानी में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 400 से ज्यादा इस रोग की चपेट में हैं।

नालियों से पाइप हटाने के लिए 21 करोड़ रुपए मंजूर

– राजधानी की नालियों से गुजरने वाले पाइप लाईन को बाहर शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए रायपुर नगर निगम द्वारा राज्य सरकार को भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। सरकार ने निगम को इसके लिए 21.79 करोड़ रुपए देने की अनुमति दी है। यह राशि राज्य प्रवर्तित योजना के अंतर्गत निकाय में उपलब्ध ब्याज की राशि से दिया जाएगा।

– प्रशासन ने निगम के सामने कुछ शर्तें भी रखी हैं। इसमें आवंटित राशि को केवल पाइप लाईन शिफ्ट करने पर ही खर्च करने के लिए कहा गया है। इसका पालन नहीं होने पर आयुक्त को व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा। उल्लेखनीय है कि राजधानी में पीलिया से हुई मौतों को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया था। नालियों से गुजरने वाले पाइप लाइनों को इसके लिए मुख्य वजह मानते हुए रायपुर नगर निगम ने पाइप लाईन को शिफ्ट करने का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजा था।

हर माह देनी होगी प्रोग्रेस रिपोर्ट

– नालियों से गुजरने वाले पाइप लाइनों को शिफ्ट करने का यह काम पीडब्लूडी विभाग के वर्क्स मैन्युअल के अनुसार करना होगा। साथ काम के प्रोग्रेस रिपोर्ट को हर महीने सरकार को भेजना होगा। काम पूरा हाेने के बाद खर्च की गई राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र भी देना होगा।

हाईकोर्ट ने पूछा था- पीलिया से निपटने क्या इंतजाम हुए

– पीलिया का प्रकोप बढ़ने के मामले में हाईकोर्ट ने नेशनल हैल्थ मिशन से पूछा है कि इससे निपटने क्या इंतजाम किए गए हैं?

– वहीं, लोगों ने टैंकर के जरिए मिट्टी मिला हुआ पानी सप्लाई होने की शिकायत की, इस पर हाईकोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण मंडल से जांच करवाने के निर्देश नगर निगम को दिए हैं। अब सोमवार को सुनवाई होगी।

पांच साल में पीलिया से मौतें

2018 में अब तक 6
2017 में 05 की मौत
2016 में 76 की मौत

2015 में 75 की मौत
2014 में 15 की मौत

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