कोई अमित शाह को मास्क न पहनने पर जुर्माना लगा सकता है? पत्रकार की अरव‍िंद केजरीवाल से एक अपील

पत्रकार रवीश कुमार ने आम जनता से मास्‍क नहीं पहनने पर जुर्माना वसूले जाने को गलत बताया है। उन्‍होंने आंखों देखी एक घटना का ज‍िक्र करते हुए इसे गलत बताया और मांग की क‍ि इस पर रोक की मांग को राजनीत‍िक मुद्दा बनाया जाना चा‍ह‍िए।

रवीश कुमार ने फेसबुक पोस्‍ट में द‍िल्‍ली के एक

ऑटोवाले का दर्द बताते हुए अपील की- केजरीवाल जी, ऑटो चालकों से मास्क न पहनने पर दो हज़ार का जुर्माना न वसूलें। उन्‍होंने ल‍िखा- मैंने आज एक ह्रदय विदारक दृश्य देखा है। अपना सैंपल देकर निकल रहा था तो सड़क के किनारे एक वयस्क नागरिक खड़ा होकर रो रहा था। मैंने कार का शीशा नीचे किया और पूछा क्या बात है तो उसका जवाब था कि मास्क नाक के नीचे था। कोई सवारी नहीं थी लेकिन दो हज़ार फाइन ले लिया है। मेरी सारी कमाई चली गई। वह वयस्क नागरिक ऑटो चालक है। एक नागरिक की विवशता इस स्तर की हो जाए कम से कम आपके मुख्यमंत्री होते हुए नहीं होना चाहिए।

modi shah

बता दें क‍ि देश भर में तमाम राज्‍य सरकारों ने मास्‍क

नहीं पहनने पर लोगों से जुर्माना वसूलने की व्‍यवस्‍था की है। अलग-अलग राज्‍यों में जुर्माने की रकम अलग-अलग है। मास्‍क को लेकर कई जगहों पर आम लोगों और पुल‍िस के बीच कहा-सुनी और मारपीट तक के वीड‍ियो सोशल मीड‍िया पर वायरल हुए हैं। लेक‍िन, इस बीच चुनावी रैल‍ियों में नेताओं और जनता ने जम कर मास्‍क पहनने के न‍ियम का उल्‍लंघन क‍िया। इस पर कहीं कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके मद्देनजर रवीश ने अपने पोस्‍‍‍ट में ल‍िखा- क्या इस देश में कोई गृह मंत्री अमित शाह को मास्क न पहनने पर जुर्माना लगा सकता है?

मास्‍क नहीं पहनने पर जुर्माने के न‍ियम को गलत बताते हुुुए रवीश ने तर्क द‍िया- मुझे नहीं लगता कि कोरोना के फैलाव को रोकने में जुर्माने का कोई महत्व है। अगर बहुत ज़रूरी है तो एक ऑटो चालक पचास रुपये का जुर्माना देकर भी दिन भर याद करता रहेगा कि उससे ग़लती हो गई है।

रवीश ने उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍‍‍‍‍‍‍‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍य नाथ

पर भी न‍िशाना साधा। उन्‍‍‍‍‍‍‍‍हों ल‍िखा- मैंने एक ख़बर पढ़ी है। यूपी के मुख्यमंत्री ने फैसला किया है कि पहली बार मास्क न पहनने पर एक हज़ार का जुर्माना लगेगा। दूसरी बार पकड़े जाने पर दस हज़ार। मुख्यमंत्री ने ही आइसोलेशन के नियमों का पालन नहीं किया। अब कुछ करने के नाम पर दुनिया के सबसे गरीब प्रदेशों में एक उत्तर प्रदेश के नागरिकों से दस हज़ार का जुर्माना लिया जाएगा?

Babita Singh ने ल‍िखा- सलाह अत्यंत महत्वपूर्ण है।गरीबों से ही चालान क्यों?लेकिन दाल के साथ खिचड़ी क्यों बना दिया आपने?गोदी मीडिया, योगी , सरकार फलाना ढिकाना एक ही मसाला डाल कर खिचड़ी को भी बिरयानी बना देते हैं आप।खैर, सलाह बहुत नेक है।गरीबों से उतना पैसा नही लेना था।

Sharda Prasad Mishra ने ट‍िप्‍पणी की- इसे आपदा में अवसर तलाशना कहते है। नेता लाखों के हुजूम में कई राज्यो में बिना मास्क, गाईड लाइन का पालन किये चुनाव कर रहे है। जबकि आम आदमी के जरिये देश मे मास्क के आरोप में अरबों रुपये की वसूली गयी है। यह आम जनता के प्रति पूर्ण ज्यादती है।

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