MP की कमलनाथ सरकार को लगा झटका, पूर्व CM शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ नहीं होगी इस मामले में EOW की जाँच 

15 साल का वनवास भुगत कर मध्यप्रदेश की सत्ता में आई कांग्रेस सरकार को एक बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से कम्यूटर बाबा और कांग्रेस मिलकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पौधा रोपण घोटाला तथा वनमंत्री उमंग सिंघार द्वारा शिवराज पर EOW की जाँच की कोशिश की हवा निकल गई है। विभाग के अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव ने EOW से जांच करवाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। दरअसल वनमंत्री उमंग सिघार ने पौधा रोपण में घोटाले का आरोप लगाते हुए पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान एवं पूर्व वन मंत्री गौरिशंकर शेजवार के खिलाफ EOW से जाँच करवाने का प्रस्ताव भेजा था। जो खारिज कर दिया गया है।

EOW की जाँच का प्रस्ताव  हुआ खारिज

दरअसल मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ कांग्रेस सहित कम्प्यूटर बाबा ने शिवराज सरकार में हुए पौधारोपण में घोटाला बताते हुए शिवराज सहीत भाजपा को घेरने की कोशिश कर रहें थे। वनमंत्री उमंग सिघार इस मामले की जांच EOW से करवाना चाह रहें थे। लेकिन इनके प्रस्ताव को खारिज करते हुए विभाग के अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव ने कहा की दोनो के खिलाफ कोई साक्ष्य नही है, इसलिए इनके खिलाफ जांच की सिफारिश नही की जा सकती है तथा पौधारोपण से जुड़े अफसरों पर भी कोई कार्रवाई नही होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ को भेजे गए प्रस्ताव में यह भी लिखा है कि पौधारोपण का निर्णय शीर्ष राजनीतिक फैसला था जिसका पालन अफसरों की जिम्मेदारी थी। इसके लिए अफसरों पर भी कार्रवाई नही होगी।

आपको बता दे कि शिवराज सरकार के दौरान मध्यप्रदेश में दो जुलाई 2017 को विशेष अभियान चलाकर एक साथ सात करोड़ पौधे रोपने का दावा किया गया था। लेकिन कांग्रेस सरकार आते ही इस मामले की जांच की जा रही है। EOW की जांच खारिज करने के बाद कमलनाथ सरकार की और से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नही आई है।

Leave a Comment