अफसरों की हड़ताल खत्म कराने के लिए तीसरे दिन भी केजरीवाल और उनके मंत्रियों का दिल्ली राजभवन में धरना

नई दिल्ली.अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्रियों का दिल्ली के राजभवन में धरना बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। मंत्री सत्येंद्र जैन के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी भूख हड़ताल पर बैठ गए। केजरीवाल सरकार की 3 मांगें है, जिसमें से मुख्य दिल्ली के आईएएस अफसरों की 4 महीने से चल रही हड़ताल के खत्म करना है। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने कहा है कि ये बिना किसी कारण के केजरीवाल का एक और धरना है। केजरीवाल और उनके तीन मंत्री सोमवार शाम से राजभवन में धरने पर बैठे हैं।

पीएमओ से मिलता है आदेश

– बुधवार को केजरीवाल ने एलजी ऑफिस से ही ट्वीट किया, “जानना चाहता हूं कि क्या आईएएस अफसरों का प्रधानमंत्री कार्यालय से हरी झंडी मिले बगैर ड्यूटी पर लौटना संभव है?’
– “क्या मोदी सरकार, दिल्ली सरकार के अच्छे कामों को रोकने के लिए आईएएस अफसरों का इस्तेमाल नहीं कर रही?’
– एक अन्य ट्वीट में केजरीवाल ने लिखा, “दिल्ली के विकास में रोड़ा अटकाने वालों के खिलाफ संघर्ष करता रहूंगा।’

धरने के अलावा कोई विकल्प नहीं
कल केजरीवाल ने एलजी ऑफिस से वीडियो जारी किया था। इसमें उन्होेंने कहा था कि आप के मंत्रियों के पास इसके (धरने) अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है कि वे एलजी कार्यालय में हड़ताल पर बैठ जाएं। उपराज्यपाल अनिल बैजल हमारे कई आवेदनों के बाद भी मांगें नहीं मान रहे।

हड़ताल का मकसद दिल्लीवालों को हक दिलाना
सिसोदिया ने ट्वीट कर बताया, “आज (बुधवार) से मैं भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में बैठ गया। सत्येंद्र जैन कल से भूख हड़ताल पर थे। हड़ताल का मकसद है कि दिल्लीवालों को उनका हक मिले और उनके अधूरे पड़े काम पूरे हों।’

आप नेताओं ने राष्ट्रपति से मिलने के लिए समय मांगा
– आप नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा है। उन्होंने बताया कि वे राष्ट्रपति को दिल्ली की वर्तमान स्थिति और आईएएस अफसरों की हड़ताल के बारे में जानकारी देना चाहते हैं।
– इस पत्र में संजय सिंह ने लिखा है कि उन्होंने तीन सांसदों के साथ उपराज्यपाल से मिलने के लिए समय मांगा था। लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया।
– संजय ने ये भी कहा कि दिल्ली में आपातकाल जैसी स्थितियां हैं। दिल्ली सरकार का काम इसलिए प्रभावित है क्योंकि आईएसएस अफसर बीते 4 महीने से हड़ताल पर हैं। उपराज्यपाल तो मोदी सरकार के आदेश का पालन कर रहे हैं।

अटल होते तो दिल्ली की समस्या का हल खोजते
– आम आदमी नेताओं ने मुख्यमंत्री निवास से लेकर उपराज्यपाल के निवास तक मार्च निकाला। इसमें पूर्व भाजपा नेता यशवंत सिन्हा भी शामिल हुए।
– सिन्हा ने कहा कि अगर अटल बिहारी वाजपेयी के वक्त इस तरह की समस्या आई होती तो वे गृह मंत्री को इसका समाधान खोजने को कहते। लेकिन मौजूदा केंद्र सरकार सो रही है। देश के बेहतर यही होगा कि दिल्ली की समस्या का जल्द कोई हल खोजा जाए।

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