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महाकुंभ 2021: तीसरे शाही स्नान पर 14 लाख ने लगाई डुबकी, देखें तस्वीरें

महाकुंभ में मेष संक्रांति के शाही स्नान के साथ संन्यासियों का कुंभ भी पूरा हो गया। वहीं, एक संत ने सेक्टर मजिस्ट्रेट को मेला प्रशासन की ओर से दी गई सुविधाएं वापस लेने का आग्रह किया है। गुरुवार से कई संन्यासी छावनियां छोड़ना शुरू कर देंगे। वहीं, कोविड संक्रमण के बढ़ते प्रसार के बीच कुंभ समापन की अटकलें भी तेज होने लगी हैं।

तीसरे शाही स्नान पर 14 लाख ने लगाई डुबकी, तीन दिन में 1300 संक्रमित

कुंभ मेले का मुख्य शाही स्नान सकुशल और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो गया। स्नान पर्व पर 13 लाख 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में पवित्र डुबकी लगाई। कुंभ मेले में बीते तीन दिनों में 1300 लोग कोरोना की चपेट में आए जिनमें से 18 संत-महात्माओं को भी बीमारी ने नहीं बख्शा। बीते मंगलवार को 9 महात्मा संक्रमित निकले और उससे पहले भी इतने ही संत कोरोना संक्रमण का शिकार हुए।

सोने-चांदी के सिंहासनों पर बैठ शाही स्नान के लिए निकले संत

महाकुंभ में मेष संक्रांति (बैशाखी) के शाही स्नान पर अखाड़ों के संत रथनुमा वाहनों पर सोने और चांदी के सिंहासनों पर राजसी वैभव के साथ विराजमान होकर हरकी पैड़ी के पास सीसीआर की पार्किंग तक पहुंचे। अखाड़ों के जुलूस में कोरोना से बचाव के नियम भी तार-तार होते दिखे। वहीं, शाम छह बजे तक करीब 13 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया।

सबसे आगे अखाड़ों की अपनी-अपनी धर्म ध्वजाएं, ईष्टदेव और पंच परमेश्वर अगुवाई कर रहे थे। इसके बाद अखाड़ों के नागा संन्यासियों का पैदल हुजूम और आचार्य महामंडलेश्वर, महामंडलेश्वर और महंत रथों पर सवार थे। उनको देखने के लिए निर्धारित रूटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालुओं ने संतों पर फूल बरसाकर आशीर्वाद लिया। सरकार की ओर से शंकराचार्य चौक के पास संतों की शोभायात्राओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कराई।

This Is How Naga Ascetics Are Made; Six Years Hard Tenacity, Own Candle, Spend Up To One And A Half Million

हरकी पैड़ी को छोड़कर अन्य गंगा घाटों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। नाईसोता, पंतद्वीप, सुभाषघाट, शिव घाट, बिरला घाट, अलकनंदा घाट, गोविंद घाट और प्रेम नगर घाटों पर देर शाम तक श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। महाकुंभ का आखिरी शाही स्नान अब 27 अप्रैल (चैत्र पूर्णिमा) को होगा। हालांकि, इससे पहले 21 अप्रैल को राम नवमी का पर्व स्नान है।

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