शिवसेना के सामने NCP प्रमुख शरद पवार ने रखी एक और शर्त, कांग्रेस के 40 विधायको ने शिवसेना को समर्थन देने से….. 

महाराष्ट्र में कोई भी राजनीतिक पार्टी राष्ट्रपति शासन नही चाहती है। देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है। भाजपा ने स्पष्ट कर दिया की उसके पास सरकार बनाने के लिए बहुमत नही है। जिसके बाद शिवसेना को राज्यपाल ने सरकर बनाने के लिए कहा। शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस की और दोड़ लगाई। जिसपर एनसीपी के प्रमुख शरद पंवार ने शिवसेना के साथ सरकार बनाने के लिए एनडीए से नाता तोड़ने की शर्त रखी। जिसके बाद शिवसेना के नेता अरविंद सावंत ने मोदी कैबीनेट से इस्तीफा देने का ऐलान किया। लेकिन शिवसेना को अब शरद पंवार ने एक और झटका दे दिया है।

शरद बोले – कांग्रेस साथ बातचीत के बाद लेंगे फैसला 

भाजपा-शिवसेना मिलकर कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन के विरूद्ध चुनाव लड़ी और अब कांग्रेस-एनसीपी के साथ शिवसेना सरकार बनाने जा रही है। इसी बिच एनसीपी के प्रमुख शरद पवार ने कहा की पहले उनकी पार्टी कांग्रेस साथ बातचीत के बाद ही शिवसेना के साथ सरकार बनाने का कोई फैसला लेगी। फिलहाल कांग्रेस की और से शिवसेना के साथ सरकार बनाने पर कोई भी निर्णय नही आया है। इस पूरे मामले पर कांग्रेस कमेटी की बैठक आज हो रही है। जिसके बाद ही शरद पवार अपना रूख साफ करेंगे। बताया जा रहा है कि 44 विधायकों वाली कांग्रेस का अपना अलग ही मंथन इस पर जारी है। सूत्रों की माने तो कांग्रेस के 40 विधायक शिवसेना के साथ सरकार बनाने के समर्थन में है। फिलहाल इसपर निर्णय आना बाकी है।

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