शिवसेना ने दिखाया अपना नरम रुख, कहा – इसलिए BJP के साथ गठबंधन में रहना जरूरी हैं

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव परिणाम आने बाद से सरकार बनाने को लेकर भाजपा और शिवसेना के बिच की खींचतान अब लगभग खत्म होते दिखाई दे रही हैं। परिणाम आने के बाद से ही शिवसेना सरकार में 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी चाह रही हैं थी लेकिन भाजपा ने इससे साफ इंकार कर दिया। अब शिवसेना नरम हो गई हैं। भाजपा के विधायक दल की बैठक के बाद देवेंद्र फडणवीस को पुनः विधायक दल का नेता चुना गया हैं। जिसके बाद शिवसेना ने कहा कि महाराष्ट्र के व्यापक सम्मान के लिए समझौता किए बगैर भाजपा से गठबंधन में रहना जरूरी हैं।

इसलिए भाजपा के साथ गठबंधन में रहना जरूरी है 

एक सप्ताह से भाजपा-शिवसेना के बीच चल रही जुबानी जंग अब खत्म होते दिखाई दी हैं और शिवसेना ने अपना नरम रुख दिखाया हैं। शिवसेना के नेता संजय राउत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के हित में शिवसेना के लिए भगवा गठबंधन में बने रहना जरूरी हैं, लेकिन सम्मान भी महत्वपूर्ण हैं। राउत ने कहा कि व्यक्ति महत्वपूर्ण नही हैं लेकिन राज्य का हित महत्वपूर्ण हैं। शांत तरीके से और राज्य के हित को ध्यान में रखकर फैसला करने की जरूरत हैं। राउत ने यह भी कहा कि राज्य के व्यापक हित में सम्मान से समझौता किए बगैर भाजपा गठबंधन में बने रहना जरुरी हैं। अगली सरकार बनाने में कोई जल्दबाजी नही हैं। इसी दौरान राउत ने शिवसेना द्वारा सरकार में 50 प्रतिशत की भागीदारी वाले फार्मूले को नकारते हुए कहा कि हम केवल वही चाहते है जो पहले तय हुआ था।

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