महाराष्ट्र में सरकार बनाने के चक्कर में शरद पवार और सोनिया गांधी के चक्रव्यूह में फस गई उद्धव की “सेना”, जानिए कैसे…

महाराष्ट्र की सरकार में शिवसेना का सीएम पद का मोह उनसे राजनीतिक तांडव करवा रहा हैं। भाजपा के साथ सरकार गठन में 50-50 का फार्मूला चलाने वाली शिवसेना को सत्ता पाने के लिए  एनसीपी और कांग्रेस के सामने हाथ फैलाने पढ़े हैं। लेकिन महाराष्ट्र में लंबी राजनीतिक पारिया खेलने वाले शरद पवार और कांग्रेस के चक्रव्यू में अब शिवसेना सहित शिवसेना प्रमुख उद्दव ठाकरे घिरते हुए नजर आ रहें। राज्यपाल से मिलकर सरकार गठन का दावा करने वाली शिवसेना अब तक सरकार बनाने का पेंच नही सुलझा पाई हैं। एक और एनसीपी के शरद पवार हर घण्टे शिवसेना को समर्थन देने को लेकर अपनी शर्ते बदल रहे हैं तो दूसरी और कांग्रेस ने शिवसेना को समर्थन देने पर अपना रुख अभी तक साफ नही किया हैं।

और चक्रव्यूह में ऐसे फस गई उद्दव की शिव”सेना”

शिवसेना के सीएम पद की जीद के चलते महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया। राज्यपाल ने सबसे पहले बड़ी पार्टी होते हुए BJP को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया लेकिन BJP ने बहुमत के अभाव में सरकार बनाने से स्पष्ट इनकार कर दिया। जिसके बाद बीजेपी के बिना भी सरकार बनाने का दावा करने वाली शिवसेना को राज्यपाल ने सरकार गठन को लेकर आमंत्रित किया। शिवसेना ने हामी भरते हुए समय भी मांग लिया। शिवसेना ने एनसीपी से समर्थन मांगा जिस पर एनसीपी प्रमुख शरद पंवार ने कहा कि अगर शिवसेना भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए से नाता तोड़ती हैं तो हम समर्थन देने पर विचार करेंगे। जिसके बाद शिवसेना ने आनन फानन ने में मोदी मंत्री मंडल से अपने नेता अरविंद सावंत का इस्तीफा भी दिलवा ने का एलान कर दिया। इस्तीफे के बाद NCP के शरद पवार ने फिर शर्त रख डाली की वे पहले कांग्रेस से चर्चा करेंगे और कांग्रेस का रुख साफ होने के बाद ही शिवसेना को समर्थन देंगे। क्योकि कांग्रेस-एनसीपी मिलकर चुनाव लड़ी हैं। जिसके बाद उद्धव ठाकरे ने सोनिया गांधी से फोन पर बात कर समर्थन मांगा। कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों से शिवसेना को समर्थन देने पर चर्चा कर रही हैं। लेकिन फिलहाल कोई निर्णय शिवसेना को समर्थन देने का कांग्रेस की और से नही आया है। शिवसेना के पास आज रात 8:30 बजे तक का ही समय बचा है राज्यपाल के समक्ष अपना बहुमत प्रस्तुत करने का और शिवसेना अब कांग्रेस की सोनिया गांधी और एनसीपी के शरद पवार का मुह ताक रही हैं। इस तरह उद्दव ठाकरे समेत पूरी शिवसेना शरद और सोनिया के चक्रव्यूह में फस गई हैं। राजनितिक जानकार मानते है कि आक रात तक एनसीपी और कांग्रेस की और से शिवसेना को समर्थन देने का कोई फैसला नही आया तो शिवसेना की स्थिति “ना घर के न घाट के” वाली हो जाएगी।

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