राशि परिवर्तन: बुध का वृषभ राशि में प्रवेश, 5 राशि वाले हो जाएं सावधान

बुद्धि और वाणी के ग्रह बुध मेष राशि की यात्रा समाप्त करके 1 मई की प्रातः 5 बजकर 39 मिनट पर अपने मित्र शुक्र की राशि में प्रवेश कर रहे हैं जहां ये 26 मई तक गोचर करेंगे, उसके बाद मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। वर्तमान समय में वृषभ राशि में राहु पहले से ही गोचर कर रहे हैं इस प्रकार बुध के भी प्रवेश कर जाने से राहु के अशुभ प्रभाव में कमी आएगी जिसके परिणामस्वरूप जन्मकुंडली में राहु जनित दोष कुछ दिनों के लिए शांत हो जाएंगे। मिथुन और कन्या राशि के स्वामी बुध मीन राशि में नीचराशिगत तथा कन्या राशि में उच्चराशिगत संज्ञक माने गए हैं। इनके राशि परिवर्तन का सभी राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।

मेष राशि-राशि से धनभाव में गोचर करते हुए बुधके शुभप्रभाव के फलस्वरूप आपका आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। आकस्मिक धन प्राप्ति के योग भी बनेंगे और काफी दिनों का दिया गया धन भी वापस मिलने की उम्मीद। परिवार में मांगलिक कार्यों का सुअवसर आएगा तथा आपसी प्रेम-भाईचारा बढ़ेगा। अपनी वाणी कुशलता के बलपर विषम परिस्थितियों पर भी आसानी से नियंत्रण पा लेंगे। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों को अच्छी सफलता मिलने के योग।

hanuman jayanti remedies zodiac sign

वृषभ राशि-राशि में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव हर तरह से बेहतरीन सफलता दिलाने वाला रहेगा। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतिक्षित पड़े कार्यो का निपटारा होगा। किसी भी तरह के सरकारी टेंडर के लिए भी आवेदन करना चाह रहे हों तो भी अवसर अनुकूल रहेगा। विवाह संबंधित वार्ता सफल रहेगी। नौकरी में भी पदोन्नति तथा मान-सम्मान प्राप्ति के योग। कईबार निर्णय लेने में आप विलंब करेंगे जिससे नुकसान हो सकता है इसलिए द्वंद से बाहर निकलें।

मिथुन राशि-राशि से बारहवें हानिभाव में गोचर करते हुए बुध मिलाजुला फल प्रदान करेंगे। भागदौड़ और खर्च की अधिकता रहेगी, सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए किया गया प्रयास सफल रहेगा। धर्म-कर्म के मामलों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे और दान-पुण्य भी करेंगे। गुप्त शत्रु बढ़ेंगे और आपको नीचा दिखाने का एक भी अवसर नहीं छोड़ेंगे इसलिए विवादों से दूर ही रहें और कोर्ट कचहरी के मामले भी बाहर ही सुलझा लें तो बेहतर रहेगा।

कर्क राशि-राशि से लाभभाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव आय के स्रोत बढ़ाएगा। कार्य व्यापार में उन्नति होगी। किसी भी तरह का नया व्यापार आरंभ करना चाह रहे हों अथवा नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करना चाह रहे हों तो उस दृष्टि से भी अवसर बेहतरीन सफलता दिलाने वाला रहेगा। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों एवं भाइयों से सहयोग मिलेगा। उच्चाधिकारियों से भी संबंध बिगड़ने न दें। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। नवदंपत्ति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग।

सिंह राशि-राशि से दशम कर्मभाव में गोचर करते हुए बुध आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं, इसलिए जैसी सफलता चाहें हासिल कर सकते हैं। जमीन जायदाद से जुड़े मामलों का निपटारा होगा। मकान-वाहन के क्रय का भी योग। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में अच्छी सफलता मिलेगी। विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए किया गया प्रयास सफल रहेगा। धर्म एवं आध्यात्म के मामलों में गहरी रूचि बढ़ेगी। सामाजिक कार्यों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे।

कन्या राशि-राशि से भाग्य भाव में गोचर करते हुए बुध भाग्य वृद्धि के साथ-साथ पद और गरिमा के भी वृद्धि कर आएंगे। धार्मिक संगठनों, अनाथालय तथा समाजसेवी संस्थाओं में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे और दान पुण्य करेंगे। वाणी प्रखर होगी। साहस और पराक्रम की वृद्धि होगी। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी नव दंपति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग। जो संकल्प लेंगे उसे पूरा करके ही छोड़ेंगे। आपके द्वारा लिए गए निर्णय और किए गए कार्यों की सराहना होगी।

तुला राशि-राशि से अष्टमभाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव काफी मिलाजुला रहेगा  सामाजिक पद प्रतिष्ठा तो बढ़ेगी किंतु, ये परिवार में स्वास्थ्य संबंधी चिंता बढ़ा सकते हैं। जुखाम, बुखार, चर्म रोग तथा दवाओं के रिएक्शन से सावधान रहना पड़ेगा। ससुराल पक्ष से भी अप्रिय समाचार प्राप्ति के योग। कार्यक्षेत्र में षड्यंत्र का शिकार होने से बचें। आपके अपने ही लोग नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे। कोर्ट कचहरी से संबंधित मामले भी बाहर ही सुलझालेना समझदारी होगी।

वृश्चिक राशि-राशि से सप्तम भाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव हर तरह से लाभदायक ही रहेगा। विवाह संबंधी वार्ता सफल रहेगी। दैनिक व्यापारियों के लिए तो यह समय किसी वरदान से कम नहीं है किसी भी तरह का कार्य आरंभ करना चाहें या नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करना चाहें तो भी अवसर अनुकूल रहेगा। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतीक्षित कार्यो का निपटारा होगा। विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए किया गया प्रयास भी सफल होने के योग।

धनु राशि-राशि से छठे शत्रुभाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव काफी उतार-चढ़ाव वाला रहेगा। ऋण रोग और शत्रु इस अवधि के मध्य प्रभावी रहेंगे इसलिए किसी को भी अधिक धन उधार के रूप में न दें अन्यथा आर्थिक हानि की संभावना रहेगी। स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। विद्यार्थियों को भी प्रतियोगिता में अच्छी सफलता हासिल करने के लिए पढ़ाई में और मेहनत करनी पड़ेगी। विवाह संबंधी  वार्ता में थोड़ा विलंब हो सकता है दांपत्य जीवन में भी कटुता न आने दें।

मकर राशि-राशि से पंचम विद्याभाव में गोचर करते हुए बुध आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। शिक्षा प्रतियोगिता में आ रही बाधा दूर होगी। किसी भी तरह की नौकरी के लिए आवेदन करने का बेहतरीन अवसर है। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। नव दंपत्ति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों एवं भाइयों से सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधी मामलों में प्रगाढ़ता आएगी। यहांतक कि, प्रेम विवाह भी करना चाह रहे हों तो अवसर अनुकूल रहेगा।

कुंभ राशि-राशि से चतुर्थभाव में गोचर करते हुए बुध का प्रभाव काफी मिलाजुला और उतार चढ़ाव वाला रहेगा। किसी न किसी कारण से पारिवारिक कलह एवं मानसिक अशांति का सामना करना पड़ेगा। मित्रों एवं संबंधियों से भी अप्रिय समाचार प्राप्ति के योग। माता-पिता के स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में सर्विसके लिए आवेदन करने पर सफलता की संभावना अधिक रहेगी। जमीन जायदाद से जुड़े मामले आपस में सुलझा लेना समझदारी होगी।

मीन राशि-राशि से पराक्रमभाव में गोचर करते हुए बुध का सौम्यप्रभाव आपको अति उत्साही और पराक्रमी बनाएगा। आपके द्वारा लिए गए निर्णय और किए गए कार्यों की सराहना होगी। सामाजिक पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी।धर्म एवं अध्यात्म के प्रति भी रुचि बढ़ेगी। विदेशी कंपनियों में सर्विस अथवा नागरिकता के लिए किया गया प्रयास सफल रहेगा। किसी भी तरह का नया कार्य अथवा व्यापार आरंभ करना हो या नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करना हो तो ग्रह गोचर अच्छे परिणाम देगा।

Leave a Comment