वेस्टमिन्स्टर कोर्ट पहुंचा पीएनबी घोटाले के आरोपी नीरव के प्रत्यर्पण का मामला- अधिकारी

लंदन. पीएनबी घोटाले के 13 महीने बाद भोगाड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी लंदन के वेस्ट एंड में नजर आया। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, वह यहां 72 करोड़ रु. के अपार्टमेंट में हुलिया बदलकर रह रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हम नीरव के प्रत्यर्पण की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। इस बीच, नीरव के प्रत्यर्पण से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि उसके प्रत्यर्पण का मामला ब्रिटिश होम सेक्रेटरी साजिद जावीद ने सर्टिफाई कर दिया है और अब यह मामला वेस्ट मिन्स्टर कोर्ट तक पहुंच गया है। अगस्त 2018 से नीरव के प्रत्यर्पण पर ब्रिटिश सरकार विचार कर रही है।

प्रत्यर्पण की अपील पर ब्रिटिश सरकार द्वारा सर्टिफिकेशन दिए जाने की पुष्टि उसी दिन हुई है, जिस दिन टेलीग्राफ ने रिपोर्ट में कहा कि नीरव मोदी वेस्ट एंड इलाके में एक आलीशान अपार्टमेंट में हुलिया बदलकर रह रहा है। यह लंदन के बीचोंबीच स्थित है और इसी अपार्टमेंट से कुछ ही दूरी पर नीरव ने हीरे का कारोबार शुरू किया है।

तुरंत भारत वापस नहीं लाया जा सकता नीरव- विदेश मंत्रालय

नीरव के प्रत्यर्पण के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई ने अपील की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा- हमने नीरव के प्रत्यर्पण की अपील की थी, इसका यह मतलब है कि हम इस बात से वाकिफ थे कि वह ब्रिटेन में है। अन्यथा हम वहां प्रत्यर्पण की अपील ही नहीं करते। नीरव लंदन में दिखाई दिया है, इसका यह मतलब नहीं है कि उसे तुरंत वापस भारत लाया जा सकता है। हमारी अपील पर ब्रिटिश सरकार विचार करेगी और सीबीआई-ईडी की रिक्वेस्ट पर जवाब देगी।

हफ्तेभर में जारी हो सकता है नीरव का गिरफ्तारी वारंट- अधिकारी

प्रत्यर्पण मामले से जुड़े अधिकारी ने बताया- भारत-ब्रिटेन प्रत्यर्पण संधि के तहत नीरव के कागजात वेस्ट मिन्स्टर कोर्ट के डिस्ट्रिक्ट जज को भेज दिए गए हैं। इसके बाद उन्हें नीरव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर फैसला करना है, जिस पर स्कॉटलैंड यार्ड को तामील करनी है। इस संबंध में भारतीय अधिकारियों को जानकारी दी गई है। अधिकारी ने बताया कि प्रत्यर्पण अपील का अगला चरण नीरव का गिरफ्तारी वारंट है और यह महज एक हफ्ते की बात है।

प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ माल्या ने ब्रिटिश हाईकोर्ट में की अपील

भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण को वेस्टमिन्स्टर कोर्ट ने ही इसी साल 4 फरवरी को मंजूरी दी थी। इस आदेश पर ब्रिटिश गृह सचिव ने भी मंजूरी दे दी थी। इसके खिलाफ माल्या ने ब्रिटिश हाईकोर्ट में अपील की है। माल्या पर भारतीय बैंकों के 9,000 करोड़ रुपए बकाया हैं। वह मार्च 2016 में लंदन भाग गया था।

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