प्रधानमंत्री आवास योजना में छत्तीसगढ़ पूरे देश में नम्बर वन : ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिवारों के लिए राज्य में अब तक साढ़े तीन लाख मकानों का निर्माण पूर्ण

रायपुर. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत गरीब परिवारों के लिए पक्के मकानों के निर्माण में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में पहला स्थान मिला है। योजना के तहत राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक लगभग तीन लाख 52 हजार  मकानों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। यह जानकारी आज यहां पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर की अध्यक्षता में जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की समीक्षा बैठक में दी गई। श्री चन्द्राकर ने प्रधानमंत्री आवास योजना में राज्य की इस बड़ी उपलब्धि के लिए प्रदेश के पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीण और विभागीय अधिकारियों को बधाई दी।
श्री चन्द्राकर ने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान के कार्यों की समीक्षा की। बैठक नया रायपुर के निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान में सम्पन्न हुई। बैठक में श्री चन्द्राकर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रदर्शन मंे पूरे देश में छत्तीसगढ़ के प्रथम स्थान आने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। श्री चन्द्राकर ने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद वर्ष 2015 में ग्रामीण गरीब परिवारों को स्वयं का मकान उपलब्ध कराने की मुहिम शुरू हुई है। राज्य सरकार ने इस योजना का न केवल मैदानी क्षेत्रों में बल्कि दूरस्थ वनाचंल क्षेत्रों मंे भी बेहतर क्रियान्वयन किया। गरीबों के प्रति संवेदनशीलता और दूरदृष्टि का परिणाम है कि आज छत्तीसगढ़ ने तीन लाख 52 हजार गुणवत्ता पूर्ण आवास निर्माण पूर्ण कर देश में पहले स्थान पर है। श्री चन्द्राकर ने कहा कि गरीबों को छत उपलब्ध कराना हमारा प्रमुख उद्देश्य है। लिपिकीय त्रुटि अथवा किसी अन्य कारण से वर्ष 2011 की सर्वे सूची में यदि किसी गरीब का नाम छूट गया होगा तो उनके नाम को जोड़ने की अपीलीय प्रक्रिया सरल और शीघ्र पूरी की जाएगी। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल, सचिव श्री पी.सी. मिश्रा सहित केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री प्रशांत कुमार, केन्द्रीय मंत्रालय से ही श्री प्रशांत मित्तल, गया प्रसाद, प्रबल दास भारद्वाज, ग्रामीण प्रशिक्षण संस्थान के संचालक श्री एम.के.त्यागी, संचालक एनआरएलएम श्री नीलेश क्षीरसागर, मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास के नोडल अधिकारी श्री अमृत विकास टोपने, संचालक पंचायत श्री तारण सिन्हा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में श्री चन्द्राकर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छ भारत मिशन प्रधानमंत्री की प्राथमिकाता वाली योजना है। उन्होेंने योजना के तहत निर्मित आवास में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश अधीकारियों को दिए। श्री चन्द्राकर ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में स्थानीय जनप्रतिनिधियों से तालमेल जरूरी है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से समन्वय कर बेहतर काम किया जा सकता है।उन्होंने सभी जिलों के अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप मकान स्वीकृत करने और  तय समय-समय सीमा में  आवास निर्माण पूरा करने के भी निर्देश भी दिए।
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2016-17 से वर्ष 2018-19 तक तीन वर्षों में प्रदेश में छह लाख 88 हजार 235 मकान बनाने का लक्ष्य है। जिसके विरूद्ध तीन लाख 52 हजार 106 मकानों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है और 87 हजार 169 मकान का निर्माण जारी है। श्री चन्द्राकर ने स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों  की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को छोड़कर प्रदेश मे शत-प्रतिशत शौचालय निर्माण के लिए खुशी जाहिर करते हुए शत-प्रतिशत स्वच्छता स्थायित्व ओर आगे बढने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
बैठक में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के श्री प्रशांत कुमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के बेहतर  क्रियान्वयन कर छत्तीसगढ़ को पहले स्थान प्राप्त करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह, पंचायतमंत्री श्री अजय चन्द्राकर को बधाई दी। उन्हांेने छत्तीसगढ़ के आवास मॉडल की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे अन्य राज्यों में इस योजना की समीक्षा के दौरान यहां के आवास मॉडल का उदारण प्रस्तुत करते है। साथ ही यहां के मॉडल को अपनाने की भी अपील करते है। श्री कुमार ने बताया कि छत्तीसगढ़ गुणवत्ता पूर्ण प्रधानमंत्री आवास निर्माण में पहले स्थान पर है। जिला धमतरी राज्य में पहले और पूरे देश में दूसरे स्थान पर है। मकान निर्माण के बेहतर प्रदर्शन करने की टॉप टेन की सूचि में धमतरी, रायपुर और राजनांदगांव शामिल है।

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