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प्रवासी मजदूरों की मदद को आगे आए किसान, टिकैत बोले- भोजन के डर से न जाएं, यहां खाएं और ले भी जाएं

देश में फैले कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में हर दिन तीव्र गति से मामले बढ़ रहे है। देश में इस खतरनाक संक्रमण की वजह से हर दिन हजारों की संख्या में कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो रही है। बीते 15 दिनों में भारत में 25 लाख से ज्यादा कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं।

बीते दिनों दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक हफ्ते के लिए राजधानी में संपूर्ण लॉकडाउन लगा दिया है।

हालांकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी के प्रवासी लोगों को यह अपील की है कि वे इस वक़्त जहाँ हैं, वहीँ पर रहें। किसी को पलायन करने की जरूरत नहीं है।

इसके विपरीत दिल्ली में लॉकडाउन लगने के बाद प्रवासी मजदूरों का पलायन शुरू हो चुका है। इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी सामने आई है।

इन तस्वीरों में देखा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाले लोग आनंद विहार बस स्टैंड पर भारी मात्रा में इकट्ठे हुए हैं।

इस पलायन की वजह यह है कि प्रवासी लोगों को इस बात का भरोसा नहीं है कि दिल्ली में एक हफ्ते की लॉक डाउन के बाद स्थिति नॉर्मल हो जाएगी। लोगों में डर है कि सरकार द्वारा यह लॉक डाउन आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

दिल्ली से अपने गृह राज्य जा रहे प्रवासी लोगों की मदद के लिए भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बड़ा ऐलान किया है।

किसान नेता राकेश ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि “कोई भी प्रवासी भाई भोजन के डर से पलायन न करे। दिल्ली के सभी किसान मोर्चो पर खाने का इंतजाम है। अपने घर लौट रहे प्रवासी श्रमिको के लिए खाना पैक कराकर भिजवाया गया।”

 

 

गौरतलब है कि बीते साल मोदी सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन के दौरान बड़ी तादाद में प्रवासी मजदूरों ने अपने गृह राज्य में जाने के लिए पैदल सफर किया था। इस दौरान उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ा था।

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