राकेश झुनझुनवाला ने सिर्फ एक हफ्ते में कमाए 476 करोड़ रुपये, आप भी ऐसे कर सकते हो मोटी कमाई, जानिए इससे जुड़ी सभी बातें

भारत के साथ-साथ दुनियाभर में मशहूर निवेशक राकेश झुनझुनवाला ने शेयर बाजार से हजारों करोड़ रुपए कमाए हैं. अगर आप स्टॉक मार्केट से करना चाहते हैं कमाई तो जानिए उनके टिप्स के बारे में… राकेश झुनझुनवाला आज एक बार फिर से चर्चा में है. इस बार उनकी चर्चा एक आईपीओ की लिस्टिंग को लेकर हो रही है. मंगलवार को गेमिंग और स्पोर्ट्स मीडिया प्लेटफॉर्म नजारा टेक्नोलॉजी कंपनी की शेयर की बाजार (Stock Market) में दमदार एंट्री हुई है.
कंपनी का शेयर एनएसई पर 1101 रुपये प्रति शेयर के मुकाबले 1990 रुपये पर लिस्ट हुआ. इस दौरान उन्होंने एक झटके में 476 करोड़ रुपये कमा लिए. नजारा टेक्नोलॉजी में उनकी करीब 10.82 फीसदी हिस्सेदारी है. अब उनके शेयरों की कीमत बढ़कर 656 करोड़ रुपये हो गई है. राकेश झुनझुनवाला ने नजारा टेक्नोलॉजी में 180 करोड़ रुपये में हिस्सेदारी खरीदी थी. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि आईपीओ मार्केट से आम निवेशक भी अच्छे रिटर्न हासिल कर सकते है. आइए जानें इसके बारे में…

सबसे पहले जानते हैं आखिर आईपीओ होता क्या है?

जब भी कोई कंपनी पहले बार शेयर बाजार से पैसा जुटाती है तो उसे आईपीओ लाना होता है. आईपीओ के जरिए कंपनी का मालिक अपनी हिस्सेदारी बेचकर पैसा जुटाता है. उसका इस्तेमाल कंपनी के विस्तार पर किया जाता है. आईपीओ आने के बाद एक हफ्ते में शेयर की लिस्टिंग होती है. कंपनी का विज्ञापन अखबार, टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए देती है. आईपीओ में निवेश की कई केटिगिरी होती है. आम निवेशक रिटेल केटेगिरी में आईपीओ के लिए आवेदन करता है. कम से कम एक लॉट (अधिकतम 15 हजार रुपये की कीमत वाले शेयर) और अधिकतम 2 लाख रुपये की कीमत वाले शेयरों के लिए आवेदन कर सकता है. आईपीओ में निवेश के लिए निवेशक को डी-मैट अकाउंट खुलवाना पड़ता है. इसके बाद उस अकाउंट के लिए अप्लाई किया जा सकता है.

आज क्या हुआ

नजारा टेक्नोलॉजी का शेयर बीएसई और एनएसई पर 79 फीसदी की तेजी के साथ लिस्ट हुआ. अगर आसान शब्दों में कहें तो किसी ने आईपीओ में पैसा लगाया होता तो उसे एक लॉट यानी 14 शेयर मिलते. तो आज लिस्टिंग के दिए एक शेयर पर 90 रुपये का फायदा होता. इस लिहाज से 15 हजार रुपये का इन्वेस्टमेंट बढ़कर करीब 28 हजार रुपये हो जाता.

अब सवाल उठता है कि अच्छी कंपनी कैसे चुने

इस पर देश के सबसे बड़े निवेशक राकेश झुनझुनवाला का कहना है कि व्यापार में निवेश करें, न कि किसी कंपनी में. झुनझुनवाला अक्सर अपने इंटरव्यू में कहते हैं कि कंपनी से ज्यादा उसके कारोबार पर फोकस करना चाहिए. कंपनी किस तरह के कारोबार में है और उस कारोबार में आगे चलकर कितना फायदा होने की उम्मीद है, एक निवेशक की हमेशा इस पर नजर होनी चाहिए. झुनझुनवाला को अपने निवेश में नुकसान भी उठाना पड़ा है. इसका बेहतर उदाहरण है मिड-डे मल्टीमीडिया. लेकिन इससे वे पीछे नहीं हटे. तेजी में सबका फायदा और मंदी में सबका नुकसान हो, ऐसा नहीं हो सकता. इसलिए यह मायने नहीं रखता कि मैं वैश्विक कुबेरों की सूची में शामिल हुआ या नहीं. सच यह है कि मैं अपने काम को एंजॉय करता हूं, जिसका बाय प्रोडक्ट है पैसा. मेरा बिजनेस मंत्र सरल है- ‘बाय राइट एंड होल्ड टाइट’ यानी सही समय पर सही शेयर खरीदों और उसे जकड़ कर रखो.

आइए राकेश झुनझुनवाला के बारे में जानते हैं…

ने सन 1985 में स्नातक करके फुल टाइम शेयर बाजार में कारोबार शुरू किया, तब सेंसेक्स में केवल 150 कंपनियां ही लिस्टेड थीं. एक आंकलन के अनुसार बीते एक साल में शेयर मार्केट की तेजी के दौर में उन्होने हर सप्ताह औसतन 59 करोड़ रुपए की कमाई की है. वे चाहें तो इससे हर घंटे एक मर्सिडीज बेंज या बीएमडब्ल्यू कार खरीद सकते हैं.राकेश झुनझुनवाला ने सन 1985 में स्नातक करके फुल टाइम शेयर बाजार में कारोबार शुरू किया, तब सेंसेक्स में केवल 150 कंपनियां ही लिस्टेड थीं. राकेश झुनझुनवाला ने बीते हफ्ते कहा था कि उनके पोर्टफोलियो में शामिल अनलिस्टेड कंपनियों ने उन्हें स्टॉक मार्केट में लिस्टेड कंपनियों से अधिक रिटर्न दिया है. झुनझुनवाला ने कहा कि उन्होंने इन अनलिस्टेड कंपनियों यानी वैसी कंपनियां जो स्टॉक मार्केट में लिस्टेड नहीं है, इनमें 10 से 12 साल पहले निवेश किया था.

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