स्टेशन पर अचानक बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगी नई नवेली दुल्हन, सच्चाई जानकर लोगों के होश उड़े…!

station woman shouted help

किसी रेलवे स्टेशन में लोगों

से खचाखच भरा हुआ प्लेटफॉर्म और अचानक आवाज आती है ‘बचाओ-बचाओ’ तो आपका रिएक्शन क्या होगा ? जी हां, एक नई नवेली दुल्हन ने चिल्लाया ‘बचाओ-बचाओ’ और इधर-उधर भागने लगी और वहां मौजूद यात्री उस दुल्हन की मदद करने के लिए दौड़े. दुल्हन ने कुछ लोगों की तरह किया इशारा और भीड़ ने उन्हें लात-घूसों से मार-मार कर घायल कर दिया और जब सच्चाई सामने आई तो सभी ने अपना माथा पीट लिया. स्टेशन पर अचानक बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगी नई नवेली दुल्हन, लेकिन ऐसा क्यों हुआ चलिए बताते हैं आपको इस घटना का पूरा मामला..

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ये मामला है यूपी के गाजीपुर

जिले में स्थित दुल्लहपुर रेलवे स्टेशन (मुगलसराय से पटना का रूट) पर एक अफरा-तफरी मच गई. वहां उस नई नवेली दुल्हन ने जब बचाओ-बचाओ चिल्लाया और इधर-उधर भागने लगी. दुल्हन के इस तरह चिल्लाने पर लोग उसकी मदद के लिए दौड़े और उन छह लोगों को गुस्से में घूरने लगे जो दुल्हन के पास खड़े थे. उस महिला ने लोगों से कहा कि ये लोग मानव तस्करी का धंधा करते हैं और मेरा अपहरण करने के चक्कर में यहां आए हैं.

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फिर क्या था इतना सुनते ही

गु्ससाई उस भीड़ ने उन छह लोगों को लात-घूसों से मारना-पीटना शुरु कर दिया. उन लोगों ने उन छह लोगों को इतना मारा कि वे घायल हो गए, फिर इस घटना की जानकारी 100 नंबर डायल करके पुलिस को भी दी गई. जानकारी पाते ही थानाध्यक्ष राजू कुमार अपनी पुलिस फोर्स के साथ मौके वारदात पर पहुंचे और उन छह लोगों को गिरफ्तार करके थाना ले आए. पुलिस ने उन लोगों की छानबीन की और ये मामला सामने आया कि वो नई-नवेली दुल्हन उन लोगों पर अपहरण का आरोप लगाया था, दरअसल वो अपहरण का मामला नहीं था. वो लड़की 16 साल की थी और उसके गरीब माता-पिता ने उसकी शादी 32 साल के आदमी के साथ जबरदस्ती करा दी थी.

वे लोग दुल्हन के साथ अपने घर वापस जा रहे थे और वो नहीं जाना चाहती थी. इसलिए उस 16 साल की लड़की ने उन लोगों से बचने के लिए ऐसा किया क्योंकि वो शादी नहीं करना चाहती थी पढ़ना चाहती थी लेकिन माता-पिता की जबरदस्ती से उसे शादी करनी पड़ी थी वो भी अपनी उम्र से दोगुनी उम्र के आदमी के साथ. ये सिर्फ उस नई-नवेली दुल्हन की दास्तान नहीं थी बल्कि भारत देश की लाखों लड़कियों की कहानी है.

यहां शहर की लड़कियां तो फिर भी अपने घरवालों से लड़कर अपने करियर को बढ़ावा देती हैं लेकिन गांव की लड़कियों को आज भी दबाया जाता है. ना उन्हें ज्यादा पढ़ने दिया जाता है और ऊपर से उनकी शादी उनकी उम्र से दोगुनी उम्र के लड़के के साथ करवा दी जाती है. फिर उनकी जिंदगी पहले से ज्यादा बद्तर और मुश्किल भरी हो जाती है. ऐसे में इस दुल्हन जैसी लड़की ने अगर ऐसा कदम उठाया तो उसमें कोई गलत बात नहीं है और समाज को भी उस बच्ची का साथ देना चाहिए.

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