Home ख़बर जरा हटकर पत्नी के गहने बेचकर एक गैराज में शुरू किया काम, आज बिग...

पत्नी के गहने बेचकर एक गैराज में शुरू किया काम, आज बिग बी करते हैं इनकी कंपनी का प्रचार

जिंदगी में हर किसी का कोई न कोई लक्ष्य तो जरुर होता है। हर कोई अपने लक्ष्य को पूरा करने की हर संभव कोशिश करता है। कुछ लोगों के सपने अधूरे रह जाते हैं तो कुछ तब तक हार नहीं मानते जब कि उनके सपने पूरे ना हो जाएं। जिंदगी में गोल को पूरा करने के लिए सही रणनीति और कड़ी मेहनत की भी जरुरत होती है। इस बात को सच कर दिखाने वाली ऐसे ही शख्सियत वीएसएस मणि। जिन्होंने एक गैराज से अपना खुद का स्टार्टअप शुरू किया और आज वो जस्ट डायल (Justdial) जैसी करोड़ों की कंपनी के मालिक हैं।

आज की कहानी न सिर्फ हर भारतीय बल्कि हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा दायिक है. जिस शख्स की हम बात कर रहे है, उन्होंने पैसो की कमी की वजह से पढाई छोड़ी, फिर बीवी के गहने बेच एक गैराज में काम शुरू किया. आज आप और हमें अगर किसी कंपनी या रेस्टोरेंट का नंबर चाहिए तो ‘जस्ट डायल’ की वेबसाइट पे बड़ी आसानी से मिल जाता है. जी हाँ, जिस व्यक्ति के बारे में हम बात कर रहे है, वह है ‘जस्ट डायल’ के मालिक वीएसएस मणि. बीवी के गहने बेच जो 50,000 रुपये मिले उससे एक छोटी से कंपनी शुरू की और उससे आज 2200 करोड़ का व्यापार खड़ा कर डाला.
success story of vss mani ceo and founder justdial

मणि का जन्म झारखण्ड में जमशेदपुर के एक माध्यम वर्गीय परिवार में हुआ. बचपन से ही इन्हें कुछ अलग और बड़ा करने की चाह थी. 12 वीं की शिक्षा पूरी करने के बाद इन्होने दिल्ली यूनिवर्सिटी में सीए की पढाई के लिए दाखिला लिए लेकिन परिवार की तंग आर्थिक हालत के चलते, बीच में ही पढाई छोडनी पड़ी.

इन्होने फिर कोई काम करने की सोची ताकि परिवार की आर्थिक मदद कर सके. इसलिए, मणि ने सेल्समेन की एक नौकरी कर ली और कुछ तजुर्बा हासिल कर, कोई व्यापार करने की सोची. कुछ वक़्त बाद अपनी सेविंग्स से मणि ने आस्क मी नाम से एक कंपनी शुरू की लेकिन उसमे कुछ खास सफलता नहीं मिली. अपनी गलतियों से सीख कर फिर इन्होने 1994 में जस्ट डायल की नींव रखी. जस्ट डायल कंपनी का आईडिया उस वक़्त आया जब वह येलो पेजेज में काम करते थे.

success story of vss mani ceo and founder justdial

बीवी के गहने बेच करीब 50,000 का निवेश कर मणि ने जस्ट डायल की शुरुआत की और कुछ ही दिनों में इन्हें 2 से 3 लाख का प्रॉफिट हो गया. यहाँ से मणि के सपनों को एक नयी उड़ान मिली और अपनी कंपनी के विस्तार के लिए इन्होने ऑनलाइन फ़ूड आर्डर और टिकट बुकिंग की सुविधा भी शुरू कर दी. वीएसएस मणि की सोच शुरू से ही दूरदर्शी थी. जो गलतियाँ इन्होने आस्क मी में की थी वह जस्ट डायल में नहीं दोहराई जिसका बहुत फायदा हुआ. इन्होने ऑफिस का सारा सामान किराये पे लिया जिसमे कुर्सी, टेबल, कंप्यूटर, इन्टरनेट इत्यादि. छोटे ग्राहकों पे इन्होने ज्यादा ध्यान दिया और कुछ दिनों में कंपनी का मुनाफा बढ़ने लगा.

बस फिर क्या था, मणि अपने कारोबार को इतनी ऊंचाईयों तक ले गए जिसका की वह कभी सपना देखा करते थे. आज जस्ट डायल भारत की सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली वेबसाइट है. इस site पे आप कुछ भी ढूंढ़ सकते हो उसके पते और फ़ोन नंबर के साथ. जस्ट डायल अपने बिज़नस की मार्केटिंग के लिए अमिताभ बच्चन जैसे महानायक के साथ भी काम कर चुकी है और वह वक़्त वक़्त पे जस्ट डायल की टीवी एड में भी आते है.

वीएसएस मणि ने ये साबित कर दिया की सफलता के लिए पैसों से ज्यादा जुनून की ज़रुरत होती है. अगर कोई भी बिज़नस का आईडिया अच्छा हो तो क्रिएटिविटी, परिश्रम और टेक्नोलॉजी की मदद से सफलता प्राप्त हो सकती है. भारत में ऐसे कई प्रतिभाशील लोग है जिनके पास अच्छे आईडिया तो होते है लेकिन उनपे काम करने में चूक जाते है. मणि की जीवनी से हर शख्स को यही सीख लेनी चाहिए की चाहे कोई भी बिज़नेस हो, उसे चलाने के लिए कड़ी मेहनत, धैर्य और लगन की ज़रुरत है.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments