महाभारत के अनुसार इन 3 लोगों से भूलकर भी न करें दोस्ती, अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं आप

‘धर्म-ग्रंथ’ यह नाम सुनते ही हमारे मन में देवी देवताओं की छवि आ जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये धर्म-ग्रंथ हमे सिर्फ देवी देवताओं के बारे में ही ज्ञान नहीं देते हैं, बल्कि लाइफ मैनेजमेंट के टिप्स भी देते हैं। इन धर्म-ग्रंथों का लक्ष्य मनुष्य का बेहतर जीवन भी होता है। अब महाभारत के इस श्लोक को ही ले लीजिए। ये श्लोक इस प्रकार है –

श्लोक: येषां त्रीण्यवदातानि विद्या योनिश्च कर्म च। ते सेव्यास्तैः समास्या हि शास्त्रेभ्योपि गरीयसी।।

महाभारत में वर्णित इस श्लोक में बताया गया है कि इंसान को किस टाइप के लोगों से भूलकर भी दोस्ती नहीं करनी चाहिए। यदि वह उनसे दोस्ती रखता है तो उसके जीवन में कई समस्याएं दस्तक दे सकती है। इसलिए दोस्ती करने से पहले इन बातों का ख्याल रखें।

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