बंगाल: BJP को हारती देख टीवी मीडिया ने खेला नया दांव, मोदी की जगह लगाई इस नेता की तस्वीर

पश्चिम बंगाल में जोर-शोर से चुनाव लड़ने वाली भारतीय जनता पार्टी अब बड़ी हार की ओर बढ़ रही है। तृणमूल कांग्रेस ने न सिर्फ बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है बल्कि 200 सीटों से ज्यादा पर बढ़त बनाए हुए है।

इसे देखते हुए न सिर्फ भाजपा नेताओं के लहजे में बदलाव आया है बल्कि मीडिया ने भी अपना दांव बदल लिया है।

नंबर वन चैनल होने का दावा करने वाले ‘आज तक’ के ग्राफिक्स को देखा जा सकता है कि कैसे भाजपा की सीटों की संख्या दिखाने के लिए जेपी नड्डा की शक्ल का इस्तेमाल किया जा रहा है।

modi shah

जबकि पूरा का पूरा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़ा गया। मीडिया की यह रणनीति कई बार एक्सपोज हो चुकी है कि जब जीत की बात होती है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा आगे कर दिया जाता है और जब हारने की बारी आती है तो किसी पदाधिकारी का चेहरा आगे कर दिया जाता है। मीडिया की इसी धूर्तता को एक्सपोज करते हुए ब्लॉगर गिरीश मालवीय ने सोशल मीडिया पर लिखा-

“ये होते है महीन खेल। देखिए बीजेपी की सीट दिखाने के लिए जो एनिमेशन वाला विजुअल है उसमें 83 सीट वाले ग्राफिक पर जे पी नड्डा का चेहरा लगा दिया गया, सीट कम है तो जेपी नड्डा ओर सीट अगर ज्यादा होती तो मोदीजी का चेहरा लगा दिया होता। यानि साफ़ निर्देश दे दिए गए है कि मोदी और शाह की इमेज पर कोई दाग नहीं लगने दे। बात छोटी सी जरूर लगती है लेकिन यही छोटी छोटी बाते मिलकर अंत में एक बड़ा असर डालती है।”
rahul gandhi

कोरोना के रिकॉर्ड मामलों के बीच 62 दिन चली चुनाव प्रक्रिया के बाद आज बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के चुनाव नतीजे आ रहे हैं। तीन राज्य बंगाल, केरल और असम में बदलाव नहीं दिख रहा है। यानी बंगाल में तृणमूल, केरल में LDF और असम में भाजपा ही सरकार बनाती दिख रही है, जो पहले से थी। हां, तमिलनाडु में जरूर बदलाव होता दिख रहा है। वहां द्रमुक सरकार बनाने के करीब है। चुनाव में कांग्रेस उसके साथ है। पुडुचेरी में मामला जरूर फंसा दिख रहा है।

बंगाल में चार घंटे में ही तृणमूल कांग्रेस

148 सीटों के बहुमत के आंकड़े (292 सीटों के हिसाब से 147) को पार कर 200 से ज्यादा सीटों पर पहुंच गई। हालांकि, यह आंकड़ा 2016 में तृणमूल को मिलीं 211 सीटों से कम है। उधर, नंदीग्राम में ममता जीतीं, पर महज 1200 वोटों से। सबसे ज्यादा चर्चा में रही इस सीट से हारने वाले भाजपा के शुभेंदु अधिकारी हैं। उन्होंने कहा था कि 50 हजार वोटों से जीतूंगा और अगर हार गया तो राजनीति छोड़ दूंगा।

यहां एक जानकारी की बात…1972 से अब तक बीते 49 साल में बंगाल में यह 11वां चुनाव है और जो पार्टी जीत रही है, उसका 200+ सीटों का ट्रेंड बरकरार है। तृणमूल ने 2016 में 211 और 2011 में 228 सीटें जीती थीं। उससे पहले 7 बार लगातार लेफ्ट ने चुनाव जीता। सिर्फ एक बार 2001 में लेफ्ट को 200 से 4 सीटें कम यानी 196 सीटें मिलीं। बाकी चुनावों में लेफ्ट को हमेशा 200 सीटों से ज्यादा सीटें मिलीं।

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