शुरुआती रुझानों में तृणमूल को स्पष्ट बहुमत इतनी सीटों पर आगे, मोदी-शाह को बड़ा झटका

कोरोना के रिकॉर्ड मामलों के बीच 62 दिन चली चुनाव प्रक्रिया के बाद आखिरकार आज पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के चुनाव नतीजे आ रहे हैं। शुरुआती रुझानों में बंगाल में तृणमूल को बहुमत मिलता नजर आ रहा है। वह 191 सीटों पर आगे है। वहीं भाजपा 96 और कांग्रेस 5 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से 7,000 से अधिक वोटों से पीछे चल रही हैं। उधर, केरल में सत्ताधारी लेफ्ट को बहुमत मिलता दिख रहा है। वहीं, असम में भी सत्ताधारी भाजपा आगे चल रही है।

राज्य में 294 में से 292 सीटों पर मतदान हुआ है। भाजपा ने यहां पहली बार 291 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, जबकि एक सीट उसने सुदेश महतो की ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन पार्टी को दी। पिछली बार यहां गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने भाजपा के साथ चुनाव लड़ा था। इस बार GJM तृणमूल के साथ है। चुनाव से पहले भाजपा ने तृणमूल के कई बड़े नेताओं को तोड़ लिया था, इनमें ममता बनर्जी के करीबी शुभेंदु अधिकारी भी शामिल हैं।

modi shah

29 अप्रैल को आए एग्जिट पोल्स में बंगाल को लेकर एक राय नहीं दिखी। 9 एग्जिट पोल्स में से 5 में ममता बनर्जी की तृणमूल को बहुमत हासिल होता दिख रहा है, या फिर वह बहुमत के काफी करीब है। वहीं 3 पोल्स में भाजपा आगे दिख रही है। हालांकि, सभी पोल्स में तृणमूल को सीटों का नुकसान साफ दिखाई दे रहा है और आसार हंग असेंबली के भी बन सकते हैं।

अपडेट्स…

10:37 AM- असम में भाजपा+ 75 कांग्रेस+ 42 सीटों पर आगे, पुडुचेरी में भाजपा+ 9 और कांग्रेस+5 सीटों पर आगे।
10:35 AM- तमिलनाडु में भाजपा+ 98, कांग्रेस+ 134 पर आगे। केरल में लेफ्ट 88, कांग्रेस 50 सीटों पर आगे।​​​​​​​
10:32 AM- पश्चिम बंगाल में तृणमूल 191, भाजपा 96 और कांग्रेस 5 सीटों पर आगे
10:20 AM- असम में भाजपा+ 70 कांग्रेस+ 39 सीटों पर आगे, पुडुचेरी में भाजपा+ 9 और कांग्रेस+5 सीटों पर आगे। ​​​​​​​
10:15 AM- तमिलनाडु में भाजपा+ 98, कांग्रेस+ 132 पर आगे। केरल में लेफ्ट 89, कांग्रेस 49 सीटों पर आगे।​​​​​​​
10:00 AM- नंद्रीग्राम में ममता बनर्जी पीछे। भाजपा के शुभेंदु अधिकारी 7,200 से ज्यादा वोटों से आगे

बंगाल में वोटिंग 1.5% कम हुई, यह तृणमूल के लिए चिंता की बात

जब 2019 के लोकसभा चुनाव हुए थे, तब भाजपा ने बंगाल की 128 विधानसभा सीटों पर बढ़त हासिल की थी, जबकि तृणमूल की बढ़त घटकर सिर्फ 158 सीटों पर रह गई थी। इस बार कम वोटिंग ने तृणमूल की चिंता बढ़ा दी। इस बार 8 चरणों में औसत 81.59% वोटिंग हुई, जबकि 2016 के विधानसभा चुनाव में यह आंकड़ा 83.02% था। यानी इस बार वोटिंग करीब 1.5% कम हुई है। 1.5% का फर्क काफी सीटों का अंतर पैदा कर सकता है।

mamta modi assembly seats across tamil nadu kerala assam bengal and puducherry live updates

क्या कांग्रेस-लेफ्ट बनेंगे किंग-मेकर?

बंगाल का पूरा चुनाव मोदी बनाम दीदी पर केंद्रित रहा है, लेकिन ग्राउंड रिपोर्ट्स और एग्जिट पोल्स यह भी इशारा कर रहे हैं कि हो सकता है कि कांटे की लड़ाई में तृणमूल और भाजपा दोनों बहुमत के आंकड़े से पीछे रह जाएं। ऐसे में बंगाल में सबसे कमजोर माना जा रहा लेफ्ट-कांग्रेस गठबंधन किंगमेकर की भूमिका में आ सकता है। इसमें पेंच यह है कि लेफ्ट-कांग्रेस कभी भाजपा के साथ नहीं जाएंगे। वहीं, कांग्रेस एक बार तृणमूल के साथ जा सकती है, लेकिन तृणमूल और लेफ्ट एक-दूसरे से धुर विरोधी हैं।

Leave a Comment